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एनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली में दर्दनाक पीजी हादसा
एनएल चर्चा के इस अंक में दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS सम्मेलन और सुरक्षा इंतजामों, दिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से हुई मौतों, नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन से जुड़ी समर्थ ग्रोवर की डॉक्यूमेंट्री और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक्टिविस्ट पर रासुका हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम की हत्या और नस्लवाद के बढ़ते मामलों का मुद्दा भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा. इसके अलावा राहुल गांधी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई की टिप्पणी, स्कूल की बदहाली पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार पर दर्ज एफआईआर पर हाई कोर्ट की रोक, छात्र कार्यकर्ता द्वारा सुधीर चौधरी और डीडी न्यूज़ पर मानहानि का मुकदमा, एफिल टावर में हिंदू संगठन के दौरे के बाद हुआ विवाद, बालघाट (मध्य प्रदेश) में बच्चों की मौत पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने, भारत रत्न वैज्ञानिक सीएनआर राव को SIR के तहत नोटिस मिलने, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों से मारपीट, अमरीकी होमलैंड सिक्योरिटी के 'एंटी-इंडियन' पोस्ट विवाद और नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से लगातार बढ़ती तबाही जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं. इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा, रिपोर्टर आकांख्या राउत, ख़ुशी मेहरोत्रा और समर्थ ग्रोवर ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अठारहवां ब्रिक्स का यह सम्मेलन है और चौथी बार है जो यह भारत में हो रहा है, इस बार का सम्मेलन किस तरह से अलग है यह जब आप देखेंगे टीवी के चैनल तो आपको पता चलेगा, लेकिन अभी हम बात करेंगे कि यह भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है.” स्मिता इस विषय पर कहती हैं, “यह पहली बार हो रहा है देश में जब किसी शिखर वार्ता की वजह से इतना बुरा ट्रैफिक का हाल है, दुनिया भर की बहुत सी ऐसी राजधानी हैं जहां शिखर वार्ता होती हैं और सुरक्षा के इंतेज़ाम होते हैं, यह सिर्फ आलोचना नहीं है यह इसलिए है कि हम सोचें कि जब हम कोई शिखर वार्ता करते हैं तो कैसे आम लोगों की ज़िंदगी पर असर डालते हैं, इसे हम कैसे बेहतर बना सकते हैं क्यों इस तरह के सम्मेलन देश के लिए बहुत महत्त्व रखते हैं.” सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स: 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 6:20 - सुर्खियां 11:10 - हिंदी भाषा 21:12 - ब्रिक्स सम्मलेन 46:54 - सत्य निकेतन हादसा 01:08:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:23:00 - चोंगथम विक्रम 01:42:34 - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी 01:51:36 - सलाह और सुझाव नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें. पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए विकास जांगड़ा - फिल्म - बबीता सिंह रिपोर्टिंग हृदयेश जोशी - शैल चतुर्वेदी की कविता - महंगाई स्मिता शर्मा - फिल्म - द बन्शीज़ इन्शीरिन समर्थ ग्रोवर - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी अतुल चौरसिया - डॉक्यूमेंट्री - एनाटॉमी ऑफ़ कॉन्सिपिरेसी चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें. ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा प्रोडक्शन : हसन बिलाल संपादन: हसन बिलाल Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.





